एक तीर से दो शिकार तो सुना होगा, पर क्या एक प्रोडक्ट अनेक काम सुना है नहीं तो आज सुन भी लीजिए और देख भी लीजिए… Table Tennis Learning Toys आज हर घर बच्चो की एक बड़ी समस्या है मोबाइल देखना… बच्चे छोटे हो या बड़े, सुबह हो या शाम मोबाइल की लत ऐसी लगी है कि छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहे… अगर आप भी इस समस्या से परेशान है तो आप इस Table Tennis Learning Toy को एक बार अपने बच्चो के हाथ में देकर प्रयास कर सकते है.. हमें उम्मीद है जरुर सकारात्मक परिणाम मिलेंगे Table Tennis Learning Toys आप इस प्रोडेक्ट को एक बार ट्राई कर सकते हो…यह एक अद्भुत खेल उपकरण है जो आपके बच्चों को घंटे तक मनोरंजन और एक्सरसाइज प्रदान करता है बिना मोबाइल या स्क्रीन के इसके काफी फायदे है जैसे… इतना ही नही ये प्रोटेक्ट परिवार के साथ समय बताने, ऑफिस में मेनेजमेंट के साथ सामंजस्य बिठाने और दुकान या शोरुम के स्टाफ में काम के प्रति फुर्ती भी लाने का काम करता है 👉 रहस्यमयी गांव जो एक रात में गायब हो गया 👉 हावड़ा ब्रिज का अनदेखा रहस्य Table Tennis Learning Toy / मोबाइल की लत कैसे छुडाएं या इससे सम्बंधित जानकारी के लिए यह आर्टिकल हेल्पफुल साबित हुआ है आपके सुझाव और कमेंट सादर आमंत्रित है इसी प्रकार की जानकारीयो को वीडियो के रूप में जानने के लिए हमारे युटुब चैनल Click Here का विजिट करें, शुक्रिया स्मार्टफोन का बच्चों पर प्रभाव, स्मार्टफोन से बच्चों पर पढ़ने वाला दुष्प्रभाव, स्मार्टफोन के दुष्परिणाम, बच्चों पर मोबाइल का दुष्प्रभाव, बच्चों पर मोबाइल फोन के हानिकारक प्रभाव, मोबाइल से बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ता है, मोबाइल देखने से बच्चों पर क्या असर पड़ता है, ज्यादा मोबाइल देखने से क्या होता है, बच्चों के लिए मोबाइल कितना हानिकारक है, बच्चों पर मोबाइल का दुष्प्रभाव
स्मार्टफोन का बच्चों पर प्रभाव / Harmful Effects of Mobile Phones on Children
नई पीढ़ी के बच्चे स्मार्टफोन के साथ बड़े हो रहे हैं, इसका बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है इसको लेकर कुछ रिपोर्ट सामने आई है जिसे हर पेरेंट्स को जानना चाहिए तो चलिए शुरू से शुरू करते हैं स्मार्टफोन का बच्चों पर प्रभाव से कैसे बचे स्क्रीनटाइम से बच्चों के विकास पर पड़ने वाले असर का मुद्दा उसे समय से चला आ रहा है जब टीवी बना था… मोबाइल ने इसे और ज्यादा बढ़ा दिया है, स्मार्ट डिवाइसेज तो टीवी से भी कहीं ज्यादा आकर्षक हो चुके हैं और बच्चे लगातार इनके चिपके रहते हैं… एक नई स्टडी बताती है कि बहुत देर तक स्क्रीन देखने से माता-पिता और बच्चों के बीच कम्युनिकेशन गैप पैदा हो रहा है छोटे बच्चे जितना ज्यादा स्क्रीन देखते हैं उनका बोलना, सुनना और बात करना उतना ही कम हो जाता है और यह उनके दिमाग के लिए बुरा होता है बड़े होकर बच्चे सीखने में कितने होशियार होंगे यह बचपन में उनके दिमाग के विकास से ही तय होता है, ऑस्ट्रेलिया में शोधकर्ताओं ने बच्चों पर एक स्टडी की. इस स्टडी में उन्होंने 200 छोटे बच्चों की नियमित निगरानी कर खास जानकारी जुटाई यह स्टडी बच्चों के 12 महीने के होने से लेकर 36 महीने के होने तक चली इसमें बच्चों के कपड़ों पर स्पेशल रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाए गए जो बच्चों और उनके पैरेंट्स की बात रिकॉर्ड करते थे, साथ ही आसपास मौजूद गैजेट्स की आवाज भी रिकॉर्ड होती, स्टडी में पाया गया कि18 महीने के बच्चे हर एक मिनट ज्यादा स्क्रीन देखने के साथ ही एक आवाज निकालना कम सीखते रहे है 2 साल के बच्चे कई सारी बातें करने लगते हैं लेकिन स्टडी में शामिल बच्चे जब 2 साल के हुए तो जिसे जितना ज्यादा समय स्क्रीन देखने में बिताया था वह बातचीत करने में उतना ही कमजोर रहा 3 साल के होने पर बच्चों में सबसे बड़ा अंतर दिखने लगा उस दौरान वह हर दिन करीब 3 घंटे तक स्क्रीन देख रहे थे और स्क्रीन के साथ बिताए हर मिनट के चलते वह अपने माता-पिता से औसतन 7 शब्द कम सुन रहे थे इसके अलावा स्क्रीन देखने में बिताई गए एक्स्ट्रा मिनट के कारण वह औसतन पांच आवाज कम निकाल रहे थे और कुल मिलाकर माता-पिता के साथ कम बातचीत हो रही थी दिखने में छोटी से बात है 1 घंटे में 7 सब्द ही तो कम सुन रहे है But ये ही नीव के पत्थर है और इसका बच्चों के बौद्धिक विकास पर कितना फर्क पड़ सकता है शायद इस वक्त हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते तो, तो क्या बच्चों को मोबाइल से ज्यादा से ज्यादा दूर रखें और उन्हें अन्य फिजिकल एक्टिविटी के साथ जोड़ें …. जो बच्चे बार-बार मोबाइल देखते हैं या फिर ऐसे अभिभावक जो अपने बच्चों को एजुकेशनल तरीके से व्यस्त रखना चाहते हैं उनके लिए खास तौर ने हमने पेश किया है टेबल टेनिस लर्निंग टॉय …इसकी और अधिक जानकारी या खरीदने के लिए आप हमारी इस वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं 👉🏼 https://publicguide.in/learning-toy 👉 रहस्यमयी गांव जो एक रात में गायब हो गया 👉 हावड़ा ब्रिज का अनदेखा रहस्य स्मार्टफोन का बच्चों पर प्रभाव / Harmful Effects of Mobile Phones on Children या इससे सम्बंधित जानकारी के लिए यह आर्टिकल हेल्पफुल साबित हुआ है आपके सुझाव और कमेंट सादर आमंत्रित है इसी प्रकार की जानकारीयो को वीडियो के रूप में जानने के लिए हमारे युटुब चैनल Click Here का विजिट करें, शुक्रिया Harmful Effects of Mobile Phones on Children
Yono Login कैसे करें / SBI योनो रजिस्ट्रेशन A to Z जानकारी
योनो (YONO) भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा विकसित एक व्यापक डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सेवाApp है। YONO का पूरा नाम “You Only Need One” है, जो इसके नाम से ही स्पष्ट है कि यह एक ऐसा App है जहाँ सभी बैंकिंग और जीवनशैली से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है। तो आइए जानते है की योनो रजिस्ट्रेशन या Yono Login कैसे करे… योनो रजिस्ट्रेशन एसबीआई योनो दुनिया के सबसे सुरक्षित पेमेंट ऐप्स में से एक माना जाता है, तो स्वाभाविक है की Yono Login और योनो रजिस्ट्रेशन करना बिल्कुल आसान तो बिल्कुल ही नहीं है लेकिन इतना मुश्किल भी नहीं है कुछ स्टेप जो यहां दिए गए हैं उनको फॉलो करते हुए आप योन रजिस्ट्रेशन और योनो लॉगिन कर सकते हैं YONO ऐप डाउनलोड करें ऐप इंस्टॉल करें और खोलें Yono SBI Login kaise kare रजिस्टर / साइन अप करें SBI ग्राहक योनो लॉगिन कैसे करे न्यू ग्राहक योनो रजिस्ट्रेशन कैसे करे ऐसे ग्राहक जो एसबीआई के मौजूदा कस्टमर नहीं है या फिर ऐसे लोग जो एसबीआई के ग्राहक पहली बार बनने जा रहे हैं वह भी योनो लॉगिन कर सकते हैं आईए जानते हैं कैसेअगर आपका पहले से SBI में खाता नहीं है तो 👇 YONO एसबीआई अकाउंट बनाना एक सरल और सहज प्रक्रिया है। चाहे आप मौजूदा ग्राहक हों या नए, इस ऐप के माध्यम से आप अपने बैंकिंग अनुभव को अधिक सुविधाजनक और डिजिटल बना सकते हैं Yono Login कैसे करे Conclusion YONO भारतीय स्टेट बैंक का एक अभिनव प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों को बैंकिंग और जीवनशैली से संबंधित सभी आवश्यकताओं को एक ही स्थान पर पूरा करने की सुविधा प्रदान करता है। इसकी व्यापक सेवाएँ, सुरक्षा उपाय, और उपयोगकर्ता-मित्र इंटरफेस इसे एक अद्वितीय और अत्यंत उपयोगी टूल बनाते हैं। 👉 रहस्यमयी गांव जो एक रात में गायब हो गया 👉 हावड़ा ब्रिज का अनदेखा रहस्य Yono Login कैसे करे / SBI योनो रजिस्ट्रेशन या इससे सम्बंधित जानकारी के लिए यह आर्टिकल हेल्पफुल साबित हुआ है आपके सुझाव और कमेंट सादर आमंत्रित है इसी प्रकार की जानकारीयो को वीडियो के रूप में जानने के लिए हमारे युटुब चैनल Click Here का विजिट करें, शुक्रिया
मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं / Create Strong Password
समय के साथ साथ बढ़ते डिजिटलाइजेशन के साथ ही साइबर क्राइम के मामले भी लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन आम आदमी सामान्य सावधानियां बरतने से भी कतरा रहे हैं। अपने डिजिटल अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी जो चीज है वो है मजबूत पासवर्ड, लेकिन उपभोक्ता इसको नजरअंदाज और भारतीय तो इसमें दो और भी आगे है तो आज इस आर्टिकल में समझते है कि मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं – Strong Password एक पासवर्ड मैनेजमेंट कंपनी का सर्वे जारी हुआ था। सर्वे में बताया गया था कि पासवर्ड के लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल पासवर्ड शब्द का ही होता है। है ना अजीब बात इससे से बड़ी बात की इसकी संख्या जानकर तो आप हैरान ही रह जाएंगे। अकेले पासवर्ड शब्द का इस्तेमाल पासवर्ड बनाने के लिए 34.90 लाख बार किया गया। UPI Circle एक अकाउंट से 5 मोबाइल में UPI कैसे चलाएं जानिए A to Z मजबूत पासवर्ड पासवर्ड बनाने के लिए, पासवर्ड शब्द ही एकमात्र पसंदीदा शब्द नहीं है, बल्कि ऐसे और भी कई शब्द हैं जो आम तौर पर पासवर्ड बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, जैसे एक शब्द है- 123456, इस सब्द को भी 1.66 लाख बार पासवर्ड बनाया गया है, इसके अलावा इस रिपोर्ट में ऐसे कई आसान पासवर्ड बनाने का दावा किया गया है- जैसे यह सर्वेक्षण कुल 30 देशों पर किया गया था और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी लूज पासवर्ड के प्रति उदासीनता दिखाते हैं। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिन पासवर्ड का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, उन्हें हैक करना बेहद आसान है। कंपनी की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत में 10 में से 6 पासवर्ड 1 सेकंड से भी कम समय में हैक किए जा सकते हैं। सबसे मजबूत पासवर्ड कौनसा है ऐसे पासवर्ड को सबसे ज्यादा मजबूत माना जाता है जिसको बनाने में 8 से 12 अक्षरों का इस्तेमाल किया गया हो। पासवर्ड जितना लंबा होगा, वह उतना ही सुरक्षित होगा और उसे हैक करना भी मुश्किल होगा। पासवर्ड बनाने के लिए अक्षरों के साथ-साथ संख्यात्मक और विशेष अक्षरों का भी इस्तेमाल करना चाहिए। मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं पासवर्ड बनाते समय कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है, बिना सोचे समझे बनाया गया पासवर्ड न सिर्फ आपके अकाउंट को हैक करवा सकता है बल्कि ऑनलाइन फ्रॉड का कारण भी बन सकता है, इसलिए यहां कुछ ऐसे पासवर्ड बताए गए हैं जिनका इस्तेमाल कभी नहीं करना चाहिए सुरक्षित पासवर्ड सुरक्षित या मजबूत पासवर्ड वह माना जाता है जिसे आप तो याद रख सकें, लेकिन किसी और के लिए उसका अनुमान लगा पाना लगभग नामुमकिन हो। तो चलिए जानते हैं कैसा पासवर्ड होना चाहिए पासवर्ड को सुरक्षित कैसे रखे जितना जरूरी एक मजबूत पासवर्ड बनाना है, उतना ही जरूरी है उस पासवर्ड को सुरक्षित रखना – इसलिए इसके लिए कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है जैसे मजबूत पासवर्ड बनाने का तरीका अगर आप हैकर्स का शिकार होने से बचना चाहते हैं तो आपको अपने सभी पासवर्ड मजबूत बनाने चाहिए। इसके लिए आपको 8 से 12 अक्षरों का पासवर्ड तैयार करना चाहिए और बीच-बीच में न्यूमेरिक और स्पेशल कैरेक्टर का भी इस्तेमाल करना चाहिए। मजबूत पासवर्ड कैसा होना चाहिए- जो आपको याद रहे लेकिन किसी और के लिए उस शब्द को जोड़ना या उसका मतलब निकालना मुश्किल या नामुमकिन हो हैकर्स को पासवर्ड कैसे मिलता है सामान्य पासवर्ड को हैकर्स आसानी से हैक कर लेते है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 10 में से 6 पासवर्ड 1 सेकंड से भी कम समय में हैक किए जा सकते हैं, ये हैं वो पासवर्ड जैसे Create a Strong Password पासवर्ड का इस्तेमाल यूजर की जानकारी को गोपनीय रखने के लिए किया जाता है। अगर अकाउंट में आईडी और पासवर्ड नहीं है तो कोई भी कहीं से भी उस अकाउंट को एक्सेस कर सकता है। इसलिए पासवर्ड अकाउंट पर प्रतिबंध लगाता है। इसलिए यूजर को हमेशा एक मजबूत पासवर्ड की जरूरत होती है और इसके लिए पासवर्ड कुछ अक्षरों को मिलाकर बनाया जाता है, जिसमें अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए अक्षरों के साथ कुछ खास अक्षर और अंक भी जोड़े जाते हैं। 👉 रहस्यमयी गांव जो एक रात में गायब हो गया 👉 हावड़ा ब्रिज का अनदेखा रहस्य Create a Strong Password / मजबूत पासवर्ड बनाने का तरीका या इससे सम्बंधित जानकारी के लिए यह आर्टिकल हेल्पफुल साबित हुआ है आपके सुझाव और कमेंट सादर आमंत्रित है इसी प्रकार की जानकारीयो को वीडियो के रूप में जानने के लिए हमारे युटुब चैनल Click Here का विजिट करें, शुक्रिया
सबसे सस्ती इंश्योरेंस पॉलिसी | SBI PAI 1000 में 20 लाख
SBI PAI
क्या हावड़ा ब्रिज चाबी से खुलता था | Howrah Bridge key
Howrah Bridge key क्या हावड़ा ब्रिज चाबी से खुलता था
Saving Account क्या होता है फायदे और नुकशान
वर्तमान में Saving Account आम बात है हर व्यक्ति का किसी ना किसी बैंक में एक सेविंग अकाउंट तो मिल ही जायेगा. Saving Account को प्राथमिक अकाउंट या बेसिक खाते के रूप में भी जाना जाता है आज इस आर्टिकल में बात करेंगे बचत खाता क्या होता है इसके प्रकार, फायदे और नुकशान… इसके साथ ही कुछ ऐसे सवाल जिनके जवाब आप जानना चाहते है सेविंग खाता किसे कहते है सेविंग अकाउंट एक प्रकार का बैंक खाता होता है जोआम आदमी को अपनी बचत को बैंक में सुरक्षित रखने और साथ ही जमा पैसे पर ब्याज प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है, सेविंग अकाउंट बैंकिंग खातों की श्रृंखला में प्राथमिक खाते के रूप में जाना जाता है जिसे कोई भी व्यक्ति खुलवा सकता है Saving Account Saving Account एक ऐसा अकाउंट है जो आम आदमी के वित्तीय प्रबंधन को मैनेज करता है साथ ही लोगों में बचत करने की आदत भी डालता है, इस अकाउंट से पैसे निकालना, जमा करना या फिर जमा राशि को अन्य खाते में ट्रांसफर करना काफी आसान होता है यही कारण है कि यह अकाउंट अन्य खातो की तुलना में काफी ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है सेविंग अकाउंट के नियम Saving Account के कुछ नियम और शर्तें होती है जो ग्राहक को फॉलो करनी पड़ती है इन्हें बैंक या वित्तीय संस्थान लागू करते हैं नीचे कुछ सेविंग अकाउंट से संबंधित नियम दिए गए हैं जैसे… Saving Account के फायदे सेविंग अकाउंट के फायदे– सेविंग अकाउंट के कई प्रकार के फायदे होते हैं जो कि इसे एक आवश्यक प्रोडक्ट बनाते हैं Saving Account ke Fayade इस प्रकार है Saving Account के नुकसान देखा जाए तो बचत खातो के कई प्रकार के फायदे हैं और फायदे ही फायदे हैं लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जो इस प्रकार है 👉 रहस्यमयी गांव जो एक रात में गायब हो गया 👉 हावड़ा ब्रिज का अनदेखा रहस्य Tips to Grow Business / ग्राहक को आकर्षित कैसे करें या इससे सम्बंधित जानकारी के लिए यह आर्टिकल हेल्पफुल साबित हुआ है आपके सुझाव और कमेंट सादर आमंत्रित है इसी प्रकार की जानकारीयो को वीडियो के रूप में जानने के लिए हमारे युटुब चैनल Click Here का विजिट करें, शुक्रिया
योनो – Yono
Yono
ग्राहक को आकर्षित कैसे करें / Tips to Grow Business
Tips to Grow Business
UPI Circle एक अकाउंट से 5 मोबाइल में UPI कैसे चलाएं जानिए A to Z
आजकल सबसे जरूरी क्या है, मेरी नजर में तो शायद यूपीआई क्यों… क्योंकि स्थिति यह है की कई बार तो ग्राहक बैंक में आता है और कैशियर को यूपीआई से पैसे निकालने को ही बोल देता है, मतलब की यूपीआई काफी पॉपुलर प्रोडक्ट हो चुका है और इसी को देखते हुए आरबीआई ने यूपीआई का अब एक नया वर्जन लॉन्च कर दिया है UPI Circle UPI सर्किल क्या है यूपीआई सर्किल एनपीसीआई यानी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया की ओर से लॉन्च किया गया है UPI सर्किल एक डेलिगेट पेमेंट फीचर है, इसमें एक यूपीआई यूजर अपने यूपीआई से अन्य अधिकतम पांच मोबाइल पर पेमेंट करने का अक्शेस दे सकता है थोड़ा इजी भाषा में समझते हैं- UPI सर्किल की मदद से 1 महीने में अधिकतम 15000 तक पेमेंट किया जा सकता है इसका उपयोग.. माता-पिता अपने बच्चों के साथ यूपीआई अकाउंट को शेयर कर सकते हैं, तो एक पति अपनी पत्नी के मोबाइल को यूपीआई से जोड़ सकता हैं मतलब आप यूं समझ सकते हो कि यह एक मल्टी मोबाइल यूपीआई प्रोडक्ट है जिसके माध्यम से एक ही बैंक अकाउंट से बनाये एक यूपीआई अकाउंट से एक से अधिक लोग पेमेंट कर सकते है या फिर उस यूपीआई का यूज कर सकते हैं UPI Circle का उद्देश्य यूपीआई के जरिए पेमेंट करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन यूपीआई यूज करने के लिए बैंक अकाउंट का होना जरूरी होता है इस वजह से कई ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था जैसे- बाहर पढ़ रहे बच्चों को पेमेंट का अक्शेस देना हो या फिर घर के जरूरी कार्य के लिए अपने परिवार के अन्य सदस्यों को यूपीआई का अक्शेस देना हो यूपीआई में ऐसा कोई एडिशनल ऑप्शन नहीं था इसलि एयूपीआई से payment करने के लिए हर एक व्यक्ति को अपना इंडिविजुअल खाता खुलवाना पड़ता था इसलिए इसी समस्या का समाधान करने के लिए और डिजिटल पेमेंट को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने के लिए एनपीसीआई द्वारा UPI सर्किल को लांच किया गया है UPI Circle के फायदे यूपीआई सर्किल यूपीआई का ही एक नया रूप है जो डिजिटल भुगतान को और ज्यादा सुलभ बनाता है इसके कई फायदे हैं जैसे UPI Circle के नुकसान यूपीआई सर्किल के कई फायदे हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसका कोई नुकसान नहीं है इस प्रोडक्ट के कई नुकसान भी है जैसे… UPI Circle कैसे काम करेगा एनपीसीआई ने हाल ही में यह एक नया फीचर लॉन्च किया है, जो कई चरणों में काम करेगा जिसको हम इस प्रकार समझ सकते हैं UPI Circle की लिमिट यूपीआई सर्किल में प्राइमरी अकाउंट होल्डर जो अन्य सेकेंडरी यूजर को एक्सेस देगा वह उन की लिमिट भी सेट कर सकता हैं हालांकि इसके लिए आरबीआई की भी गाइडलाइन है और वह है की यूपीआई सर्किल से एक व्यक्ति एक समय में अधिकतम ₹5000 और 1 महीने में अधिकतम ₹15000 का ट्रांजैक्शन कर सकता है, अगर प्राइमरी यूजर चाहिए तो इस लिमिट को कम भी कर सकता है UPI Circle में दूसरा मोबाइल कैसे जोड़े यूपीआई सर्किल को प्राइमरी यूजर मैनेज करेगा, अब उन्हें अपने परिवार के अन्य सदस्यों या फिर किसी रिश्तेदार को यूपीआई सर्किल का एक्सेस देना है तो उनके मोबाइल में एक यूपीआई आईडी बनानी होगी और उस यूपीआई आईडी को प्राइमरी यूपीआई अकाउंट से लिंक किया जाएगा इसके लिए क्यूआरकोड स्कैन और कांटेक्ट नंबर मोबाइलमें सेव होना इत्यादि सुरक्षा मापकों का भी ध्यान रखा गया है UPI Circle FAQ 👉 रहस्यमयी गांव जो एक रात में गायब हो गया 👉 हावड़ा ब्रिज का अनदेखा रहस्य UPI सर्किल क्या है या इससे सम्बंधित जानकारी के लिए यह आर्टिकल हेल्पफुल साबित हुआ है आपके सुझाव और कमेंट सादर आमंत्रित है इसी प्रकार की जानकारीयो को वीडियो के रूप में जानने के लिए हमारे युटुब चैनल Click Here का विजिट करें, शुक्रिया